।। यूँ तो ।।

।। यूँ तो ।।

यूँ तो आसान लगती हूँ मैं,
जैसे कोई हल्की-सी कहानी…
पर हर कोई मुझे महसूस कर ले,
इतनी भी आसान नहीं।

यूँ तो हँस देती हूँ हर बात पर,
जैसे सब ठीक ही हो…
पर हर कोई उस हँसी के पीछे की खामोशी समझ ले,
इतना भी कोई करीब नहीं।

यूँ तो चलती रहती हूँ आगे,
बिना रुके, बिना शिकायत…
पर हर कोई मेरे ठहर जाने की वजह जान ले,
इतना भी कोई अपना नहीं।

यूँ तो खुली हूँ मैं हवा की तरह,
बिल्कुल बेझिझक, बेपरवाह…
पर हर कोई मुझे सच में छू पाए,
इतना भी कोई खास नहीं।

यूँ तो मैं मैं ही हूँ…
पर हर किसी के लिए एक जैसी नहीं। 😌

हर उस स्त्री के नाम,
जो बहुत कुछ महसूस करती है…
पर सब कुछ कह नहीं पाती।
जिसकी आवाज़ अक्सर रह जाती है —
निःशब्द।


।। Just Like That… ।।

I may seem simple,
like a light, passing story…
but not everyone
can truly feel me.

I smile at almost everything,
as if everything is fine…
but not everyone
can understand the silence behind that smile.

I keep moving forward,
without pause, without complaint…
but not everyone
knows why I sometimes stop.

I appear open, like the wind,
carefree and unrestrained…
but not everyone
can truly reach me.

I am who I am…
but I am not the same for everyone. 😌

For every woman
who feels so much…
but cannot always say it all.
Whose voice often remains —
unspoken.

.

A woman seen from behind sitting by a sunset, with Hindi text “यूँ तो…” and “निःशब्द”, reflecting quiet emotions and inner depth.
यूँ तो सब ठीक है…पर कुछ बातें अब भी निःशब्द हैं 😌✨

.

—Rajeshwari ( राजेश्वरी ) 🧿💕

© Nihshabd by Rajeshwari. All Rights Reserved

Comments

24 responses to “।। यूँ तो ।।”

  1. SRIKANTH Avatar

    This is breathtakingly honest, Rajeshwari. You’ve put into words what so many feel but rarely express — the weight behind a smile, the pause before moving forward, the silence that speaks louder than words. Your strength isn’t in being loud, but in feeling deeply and still choosing to rise. Never doubt how seen and powerful you are. 🙌💫

    1. nihshabdblog Avatar

      Srikanth ji,

      This truly means more to me than I can put into words.
      Every single line of your comment felt seen, held, and deeply understood. The way you noticed not just the words, but the silence behind them… that touched my heart.
      If my writing could reach you in that honest space, then it’s already more than I could have hoped for. Thank you for seeing me so gently, and for reminding me that even quiet strength has its own voice.
      Your words are something I’ll carry with me. 🤍✨

  2. Narsimha Velmajala Avatar

    Nice lones

    1. nihshabdblog Avatar

      Thank you so much Narsimha ji, this really means a lot to me 🤍✨

  3. gc1963 Avatar

    Both the Hindi and English poems are very well written from the heart

    1. nihshabdblog Avatar

      Thank you so much Geeta ji… I really appreciate this. It means a lot that it reached you the way it did 🤍✨

  4. Nageshwar singh Avatar

    सराहनीय,,,👌👌

    1. nihshabdblog Avatar

      बहुत-बहुत धन्यवाद… आपके ये शब्द सच में दिल खुश कर गए 🙏🤍✨

      1. Nageshwar singh Avatar

        आप खुश मिलो,,सदा खुश रहो,,इससे अधिक और अच्छा क्या हो सकता है जी,,,🌸

      2. nihshabdblog Avatar

        आपकी ये दुआ ही सबसे बड़ी खुशी है… दिल से शुक्रिया। 🌸
        आप भी हमेशा मुस्कुराते रहें, यही कामना है। 🤍✨

  5. Aptivi Avatar
    Aptivi

    It’s so nice! It’s got to be one of the most beautiful poems I’ve ever read! It’s indeed so realistic and splendid that I’ve bookmarked it! ☺️💜

    1. nihshabdblog Avatar

      Thank you so much… this truly means a lot to me. Knowing that my words stayed with you enough to be bookmarked is really special. ☺️🤍✨

      1. Aptivi Avatar
        Aptivi

        You are most welcome ☺️💜

  6. Vijay Srivastava Avatar

    राजेश्वरी जी, आपने केवल स्त्री-मन की अभिव्यक्ति नहीं की, बल्कि उस अदृश्य अंतराल की संवेदना को अत्यंत सूक्ष्मता से स्पर्श किया है जहाँ शब्द जन्म लेने से पहले ही मौन में विलीन हो जाते हैं। और शायद कोई पुरुष कवि/ लेखक उस संवेदना को व्यक्त नही कर सकता।

    “यूँ तो…” की आवृत्ति यहाँ मात्र शैली नहीं, बल्कि परत-दर-परत खुलता हुआ एक आंतरिक आवरण है। हर बार मानो कवयित्री बाहरी सहजता का एक पर्दा उठाती हैं और भीतर छिपी जटिलता, संवेदनशीलता तथा अनकहेपन का एक नया आयाम उजागर हो उठता है। यह ‘यूँ तो’ वास्तव में वह सेतु है, जो दिखावे और सत्य, अभिव्यक्ति और अनुभूति, तथा शब्द और निःशब्द के बीच सूक्ष्म संतुलन बनाए रखता है।

    कविता की सबसे बड़ी शक्ति इसकी संयमित संवेदनशीलता है। यह कहीं भी अतिरंजना में नहीं जाती, बल्कि एक शांत, स्थिर लय में बहती हुई पाठक को अपने भीतर उतरने का आमंत्रण देती है। “हँसी के पीछे की खामोशी” और “ठहर जाने की वजह” जैसे बिंब व्यक्तिगत अनुभव से आगे बढ़कर सामूहिक स्त्री-अनुभूति के प्रतीक बन जाते हैं।

    विशेषतः- “मैं मैं ही हूँ… पर हर किसी के लिए एक जैसी नहीं” यह पंक्ति अस्तित्व के बहुआयामी स्वरूप का अत्यंत गहन उद्घाटन करती है। यहाँ ‘मैं’ कोई स्थिर परिभाषा नहीं, बल्कि संबंधों, परिस्थितियों और संवेदनाओं के साथ निरंतर रूपांतरित होता हुआ एक जीवंत अनुभव है।

    अंतिम समर्पण “हर उस स्त्री के नाम…” इस रचना को व्यक्तिगत सीमाओं से उठाकर सार्वभौमिकता प्रदान करता है। यह उन अनगिनत स्त्रियों की सामूहिक चुप्पी को स्वर देता है, जो शब्दों में नहीं, बल्कि निःशब्दता में अधिक सच्ची और प्रामाणिक होती है।

    1. nihshabdblog Avatar

      विजय जी, आपके शब्द पढ़कर सच में लगा जैसे मेरी कविता को उसकी अपनी ही गहराई किसी और की आवाज़ में सुन लिया… इतना सूक्ष्म और स्नेहपूर्ण समझना, ये अपने आप में बहुत बड़ा उपहार है। “यूँ तो…” के पीछे जो परतें आपने महसूस कीं, वही इस रचना की असली धड़कन हैं और आपने उन्हें जिस संवेदना से देखा, वो दिल को छू गया। सबसे खास बात ये लगी कि जो अनकहा था, जो बस महसूस किया जाना था… वो भी आप तक पहुँच गया। मेरे लिए इससे बड़ी संतुष्टि कुछ नहीं कि मेरी खामोशी भी किसी तक अपनी बात कह पाई…
      दिल से आभार आपके इतने गहरे और आत्मीय शब्दों के लिए। 🙏🏻🤍✨

  7. KK Avatar
    KK

    कुछ ना कहते हुए भी आपने बहुत कुछ कह दी इन पंक्तियों में। भाव और संवेदना से सिक्त कविता दोनों भाषाओं में अपना अमित छाप छोड़ जाती है।❤️💫🌼

    1. nihshabdblog Avatar

      दिल से आभार KK… आपने जिस तरह “अनकहे” को महसूस किया, वही इन पंक्तियों की असली जगह है। अगर वो निःशब्द भाव आप तक पहुँच पाए, तो मेरा लिखना सच में सार्थक हो गया। 🤍✨🙏🏻

  8. vermavkv Avatar

    यह कविता बेहद संवेदनशील, सच्ची और गहराई से भरी हुई अभिव्यक्ति है। आपने बहुत सादे शब्दों में एक स्त्री के भीतर चल रही जटिल भावनाओं को बड़ी खूबसूरती से उकेरा है।

    “यूँ तो…” की पुनरावृत्ति कविता को एक लय देती है, और हर बार एक नई परत खोलती है—बाहरी सहजता और भीतर की अनकही खामोशी के बीच का अंतर बहुत प्रभावशाली ढंग से सामने आता है। आपकी पंक्तियाँ यह दिखाती हैं कि जो दिखता है, वह पूरा सच नहीं होता।

    1. nihshabdblog Avatar

      आपकी इतनी खूबसूरत और संवेदनशील प्रतिक्रिया के लिए दिल से धन्यवाद वर्मा जी। खुशी है कि “यूँ तो…” की भावना आप तक उसी सच्चाई से पहुँची।
      आपका यह एहसास ही इस कविता की सबसे बड़ी सफलता है। 💛

      1. vermavkv Avatar

        आपके इतने स्नेहपूर्ण और दिल से लिखे शब्दों के लिए हार्दिक धन्यवाद 💛

        यह जानकर सच में खुशी हुई कि “यूँ तो…” की भावना आप तक उसी सच्चाई और संवेदना के साथ पहुँची। जब कोई पाठक उस एहसास को महसूस कर ले, तो लगता है कि लिखना सार्थक हो गया।

        आपकी यह सराहना मेरे लिए बहुत मूल्यवान है—ऐसे ही जुड़े रहिए 🙏

  9. Krish Avatar

    निःशब्द होकर भी बहुत कुछ कह जाती हो
    स्त्री का व्यक्तित्व क्या खूब तुम निभाती हो

    तुम्हारे शब्दों में वो सच, वो गहरापन पाया
    कितनी खूबसूरती से तुम बातें समझातीं हो

    अहसास तुम्हारा दिल में उतर गया प्यार से
    हां अपना अस्तित्व मजबूत दिखा जाती हो

    तुम सुगंध हो सम्मान की, नारीत्व गौरव की
    राजेश्वरी तुम अपनी प्रतिभा से निखरती हो

    लेखन तुम्हारा सच से भरा, सच के लिए है
    शब्द को मन से सम्हालना बढ़िया जानती हो

    उत्तम हो तुम , महान विचार, उत्कृष्ट लेखन
    अपने गुणों से देश आसमां पे राज करती हो।

    यह कुछ पंक्तियां आपके लिए राजेश्वरी। जो अपने लेखन और विचारों से उत्तम है। जो गुणों से भरी है और जिन्हें पढना पसंद है। आपका लेखन और व्यक्तित्व प्रेम से भरा , सम्मानित है। और गर्व है आप पर। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏😊😊

    1. nihshabdblog Avatar

      आपने जो मेरे लिए लिखा krish… सच में दिल को छू गया।
      इतनी आत्मीयता और स्नेह से भरी पंक्तियाँ पढ़कर मन भर आया।
      आपका ये सम्मान मेरे लिए बहुत मायने रखता है…
      दिल से आभार ये शब्द हमेशा मेरे साथ रहेंगे। 🌹🙏

  10. Nusrat Khan Avatar

    Both poems Superb

    1. nihshabdblog Avatar

      Thank you so much Nusrat🤍 I wasn’t sure how it would feel to others, so this really means a lot 🙂🤍✨

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