तस्वीर और आईना
ज़रूरी था तस्वीर लेना भी,
आईना तो बस आज दिखाता है,
कल की हँसी, बीते लम्हे,
कहाँ कोई आईना बचा पाता है।
चेहरे की रंगत बदल जाती है,
मौसम अपना असर दिखाते हैं,
पर तस्वीरों में कैद वो पल,
सालों बाद भी मुस्कुराते हैं।
जो साथ थे, जो दूर हुए,
जो बातें अधूरी रह गईं,
एक तस्वीर चुपचाप मगर,
सब यादें फिर से कह गईं।
आईना सच तो दिखाता है,
पर सिर्फ़ इस पल का फ़साना,
तस्वीरें वक़्त की किताब हैं,
जिनमें छुपा है पूरा ज़माना।
इसलिए कुछ लम्हों को रोक लेना,
वक़्त की रफ़्तार से पहले,
क्योंकि यादें वक़्त की धूल में कहीं खो जाती हैं,
मगर तस्वीरें ख़ामोश रहकर भी बहुत कुछ कह जाती हैं। ✨📸
शब्दों में निःशब्द,
— राजेश्वरी 🧿💕
© Nihshabd by Rajeshwari
